कई बार बहुत परिश्रम करने के बाद भी उन्नति नहीं होती आखिर क्यों? ऐसी समस्याएँ कई जातकों की पत्रिका में देखने को मिल जाती हैं। वो कौन से ग्रह होते हैं, जो प्रगति की राह में बाधक बन जाते हैं। आसान दिखने वाली राहों पर पहाड़ खड़े हो जाते हैं। अच्छा-भला जीवन कष्टमय बन जाता है। यहाँ पर कुछ अनुभूत योग दिए गए हैं, जिन्हें मैंने अनेक जन्म कुंडलियों में पाया। शनि अत्यंत प्रभावशाली ग्रह हैं एवं इसका शुभ या अशुभ परिणाम शीघ्र देखने को मिलता है। मंगल भी अत्यंत प्रभावशाली ग्रह है एवं युद्ध तथा विस्फोट का कारक भी है। चंद्रमा मन का कारक है क्योंकि पूर्णिमा व अमावस्या के दिन समुद्र में ज्वार- भाटा आता है। जब इतने बड़े विशाल समुद्र को यह झकझोर कर देता है तो हमारे मन को क्यों नहीं झकझोर कर सकता है। आखिर हमारे शरीर में भी तो जल तत्व अधिक होता है।

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