कई बार बहुत परिश्रम करने के बाद भी उन्नति नहीं होती आखिर क्यों? ऐसी समस्याएँ कई जातकों की पत्रिका में देखने को मिल जाती हैं। वो कौन से ग्रह होते हैं, जो प्रगति की राह में बाधक बन जाते हैं। आसान दिखने वाली राहों पर पहाड़ खड़े हो जाते हैं। अच्छा-भला जीवन कष्टमय बन जाता है। यहाँ पर कुछ अनुभूत योग दिए गए हैं, जिन्हें मैंने अनेक जन्म कुंडलियों में पाया। शनि अत्यंत प्रभावशाली ग्रह हैं एवं इसका शुभ या अशुभ परिणाम शीघ्र देखने को मिलता है। मंगल भी अत्यंत प्रभावशाली ग्रह है एवं युद्ध तथा विस्फोट का कारक भी है। चंद्रमा मन का कारक है क्योंकि पूर्णिमा व अमावस्या के दिन समुद्र में ज्वार- भाटा आता है। जब इतने बड़े विशाल समुद्र को यह झकझोर कर देता है तो हमारे मन को क्यों नहीं झकझोर कर सकता है। आखिर हमारे शरीर में भी तो जल तत्व अधिक होता है।
Friday, 26 January 2018
इसका क्या अर्थ होता है। इसका आप सब को ज्ञान होना
दूध अगर हमारे घर में गिरता है जलता है तो इसका क्या अर्थ होता है। इसका आप सब को ज्ञान होना बहुत ही जरुरी है। और इसका उपाय भी होता है। इसका उपाय करने से आप इसकी अशुभता से बच सकते है। जब भी आपके घर में बार बार दूध गिरे और जलने लगे तो समझना चाहिए के आपके परिवार में किसी का चंद्र ग्रह नीच के हो रहे है और जिस व्यक्ति का ग्रह नीच हो रहा हो उसका कोई नुक्सान हो सकता है।
नुकसान क्या होगा व्यपार में अड़चने आ सकती व्यक्ति का मनन परेशान रह सकता अकारण ही चिंताए लगी रह सकती है। पेट में भी प्रॉब्लम हो सकती ,गेस हो सकती है , चोट गलने की संभाबना भी बन सकती है। रात के समय चिंताए बेकर की सोच से परेशानी ,कर्ज भी लेना पड़ सकता है। जे सब चन्दर नीच की और इशारा करते है।
नुकसान क्या होगा व्यपार में अड़चने आ सकती व्यक्ति का मनन परेशान रह सकता अकारण ही चिंताए लगी रह सकती है। पेट में भी प्रॉब्लम हो सकती ,गेस हो सकती है , चोट गलने की संभाबना भी बन सकती है। रात के समय चिंताए बेकर की सोच से परेशानी ,कर्ज भी लेना पड़ सकता है। जे सब चन्दर नीच की और इशारा करते है।
दूध उबाल कर बहार आ जाए और गैस
दूध उबाल कर बहार आ जाए और गैस पर गिर कर जलने लगे थो इसका क्या फल मिलता है
दूध अमृत है इसे कभी गिरने जा जलने ना दिया जाये इसका विशेष ख्याल रखे
दूध गिरना अशुभ माना जाता है पर कही दूध उबल कर जलने लगे तो और भी अशुभ माना जाता है अशुभता क्या बताती है। हम आपको आगे बतातये है।
दूध एक परशाद है दूध का भगवन को किसी वि अवस्था में बोग लगया जा सकता है दूध को कभी भी जूठा नहीं मन जाता दूध हर समय सुचा होता अशुद नही होता इसका गिरना और जलन बहुत ही अशुभ माना जाता है।
दूध ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का प्रतीक है ,दूध जलने से गिरने से चंद्रमा कमजोर हो जाता है और परिवार में चंद्रमा कमजोर हो जाता है , और नीच का फल देने लग जाते है।
दूध अमृत है इसे कभी गिरने जा जलने ना दिया जाये इसका विशेष ख्याल रखे
दूध गिरना अशुभ माना जाता है पर कही दूध उबल कर जलने लगे तो और भी अशुभ माना जाता है अशुभता क्या बताती है। हम आपको आगे बतातये है।
दूध एक परशाद है दूध का भगवन को किसी वि अवस्था में बोग लगया जा सकता है दूध को कभी भी जूठा नहीं मन जाता दूध हर समय सुचा होता अशुद नही होता इसका गिरना और जलन बहुत ही अशुभ माना जाता है।
दूध ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का प्रतीक है ,दूध जलने से गिरने से चंद्रमा कमजोर हो जाता है और परिवार में चंद्रमा कमजोर हो जाता है , और नीच का फल देने लग जाते है।
एकादश भाव में स्थित केतु के उपाय
एकादश भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in eleventh house)
1) दूध से सोना बुझा कर पियें.
2) काले रंग का कुत्ता पालें.
3) रात में स्त्री के सिरहाने मूली रख कर सुबह मन्दिर में दान करें.
4) दूध में केसर डालकर पिएं.
द्वादश भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in twelveth house)
1) कुत्ता पालें, यदि किसी कारणवश कुत्ता मर जाए तो दोबारा कुत्ता पालें.
इस प्रकार लाल किताब के अनुसार केतु के उपाय (Remedies of ketu in Lal Kitab) करने से तुरन्त लाभ मिलता हैं.
1) दूध से सोना बुझा कर पियें.
2) काले रंग का कुत्ता पालें.
3) रात में स्त्री के सिरहाने मूली रख कर सुबह मन्दिर में दान करें.
4) दूध में केसर डालकर पिएं.
द्वादश भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in twelveth house)
1) कुत्ता पालें, यदि किसी कारणवश कुत्ता मर जाए तो दोबारा कुत्ता पालें.
इस प्रकार लाल किताब के अनुसार केतु के उपाय (Remedies of ketu in Lal Kitab) करने से तुरन्त लाभ मिलता हैं.
नवम भाव में स्थित केतु का उपाय
नवम भाव में स्थित केतु का उपाय (Remedies of Ketu in ninth house)
1) कानो में सोना पहने व घर में सोना रखें.
2) कुत्ता पालें.
3) पिता, दादा के साथ रहें व उनकी सेवा करें.
दशम भाव में स्थित केतु के उपाय(Remedies of Ketu in tenth house)
1) चांदी के बर्तन में शहद भर कर घर में रखें.
2) 48 वर्ष से पहले मकान ना बनाएं.
3) व्यभिचार से बचें.
4) अपने चरित्र को उत्तम बनाएं रखें
1) कानो में सोना पहने व घर में सोना रखें.
2) कुत्ता पालें.
3) पिता, दादा के साथ रहें व उनकी सेवा करें.
दशम भाव में स्थित केतु के उपाय(Remedies of Ketu in tenth house)
1) चांदी के बर्तन में शहद भर कर घर में रखें.
2) 48 वर्ष से पहले मकान ना बनाएं.
3) व्यभिचार से बचें.
4) अपने चरित्र को उत्तम बनाएं रखें
पचंम भाव में स्थित केतु के उपाय
पचंम भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in fifth house)
1) दूध, चावल, देसी खाण्ड , सौंफ दरिया में प्रवाहित करें.
2) पिता व दादा की सेवा करें.
3) पितरो का श्राद्ध करें.
4) कन्याओं का आशीर्वाद लें.
5) केसर का तिलक लगाएं.
6) ब्राह्मण को बृहस्पति की वस्तुऎं दान करें.
छटे भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in sixth house)
1) कुत्ता पालें.
2) काला, सफेद कम्बल मन्दिर में दान करें.
3) बाएं हाथ में सोने का छ्ल्ला पहने.
4) दूध में केसर मिलाकर पीयें.
1) दूध, चावल, देसी खाण्ड , सौंफ दरिया में प्रवाहित करें.
2) पिता व दादा की सेवा करें.
3) पितरो का श्राद्ध करें.
4) कन्याओं का आशीर्वाद लें.
5) केसर का तिलक लगाएं.
6) ब्राह्मण को बृहस्पति की वस्तुऎं दान करें.
छटे भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in sixth house)
1) कुत्ता पालें.
2) काला, सफेद कम्बल मन्दिर में दान करें.
3) बाएं हाथ में सोने का छ्ल्ला पहने.
4) दूध में केसर मिलाकर पीयें.
तृतीय भाव में स्थित केतु के उपाय
तृतीय भाव में स्थित केतु के उपाय(Remedies of Ketu in third house)
1) कानो में सोना पहनें.
2) वृद्ध् की सेवा करें.
3) माथे पर केसर का तिलक लगाएं.
4) बहते पानी में गुड़ प्रवाहित करें.
5) भाई बन्धुओं से अच्छे सम्बन्ध बनाकर रखें.
6) जीभ पर केसर रखें.
चतुर्थ भाव में स्थित केतु का उपाय (Remedies of Ketu in fourth house)
1) दूध में सोना बुझा कर पीएं.
2) पीले रंग के नींबु चलते पानी में प्रवाहित करें.
3) कुत्ता पालें.
4) शरीर पर चाँदी धारण करें.
1) कानो में सोना पहनें.
2) वृद्ध् की सेवा करें.
3) माथे पर केसर का तिलक लगाएं.
4) बहते पानी में गुड़ प्रवाहित करें.
5) भाई बन्धुओं से अच्छे सम्बन्ध बनाकर रखें.
6) जीभ पर केसर रखें.
चतुर्थ भाव में स्थित केतु का उपाय (Remedies of Ketu in fourth house)
1) दूध में सोना बुझा कर पीएं.
2) पीले रंग के नींबु चलते पानी में प्रवाहित करें.
3) कुत्ता पालें.
4) शरीर पर चाँदी धारण करें.
प्रथम भाव में स्थित केतु के उपाय
प्रथम भाव में स्थित केतु के उपाय (Remedies of Ketu in first house)
1) बन्दर को गुड़ खिलाएं
2) काला, सफेद दो रंग का कम्बल मन्दिर में दान करें.
3) दोना पावों के अंगुठे में चाँदी या सफेद धागा बाधँ कर रखें.
4) ब्रह्मचर्य का पालन करें.
5) केसर का तिलक लगाएं.
द्वितीय भाव में स्थित केतु के उपाय(Remedies of Ketu in second house)
1) अपने चरित्र को उत्तम बनाए रखें.
2) माथे पर केसर का तिलक लगाएं.
3) मन्दिर में प्रतिदिन दर्शन के लिए जाएं.
1) बन्दर को गुड़ खिलाएं
2) काला, सफेद दो रंग का कम्बल मन्दिर में दान करें.
3) दोना पावों के अंगुठे में चाँदी या सफेद धागा बाधँ कर रखें.
4) ब्रह्मचर्य का पालन करें.
5) केसर का तिलक लगाएं.
द्वितीय भाव में स्थित केतु के उपाय(Remedies of Ketu in second house)
1) अपने चरित्र को उत्तम बनाए रखें.
2) माथे पर केसर का तिलक लगाएं.
3) मन्दिर में प्रतिदिन दर्शन के लिए जाएं.
Thursday, 25 January 2018
शास्त्रों के अनुसार पराई स्त्रियों से सम्बन्ध बनाने का नतीजा जान लोगे तो … होश उड़ जाएँगे !
वैसे तो आजकल इस दुनिया में किसी भी अन्य व्यक्ति या महिला के साथ संबंध बनाना आसान बात है लेकिन क्या आप जानते हैं हमारे शास्त्र इस बारे में क्या कहते हैं अगर आप कभी भी पराई स्त्रियों के साथ संबंध बनाते हैं तो पहले यह बात ज़रूर जान लीजिए
हमारे प्राचीन शास्त्र में बहुत से सुझाव लिखे गए हैं और कर्म के बारे में चाहे वह अच्छे हो या बुरे अच्छे कर्मों का नतीजा हमेशा अच्छा ही होता है और बुरे कर्म का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है शास्त्रों के अनुसार अगर आप किसी पराई स्त्रियों के साथ संबंध बनाते हैं तो यह गलत माना जाता है और इसके चलते आपको नर्क में जाना पड़ सकता है वही किसी पराई स्त्री पर नजर रखना या उनके साथ गलत संबंध बनाने पर भी आप को नरक में भी जगह मिल सकती है जो लोग अपने धर्म का उल्लंघन कर देते हैं उन्हें पापी कहा जाता है
वैसे लोग नरक में जाते हैं नर्क में लोगों को अपने-अपने दंड के अनुसार क्रमित किया जाता है और कुरान में स्त्रियों के बारे में कहा गया है कि जो स्त्रियां गैर मर्द के साथ रिश्ता बनाती है उसे नरक में गरम लोहे के बीच रखा जाता है
स्त्री के दंड पूरे हो जाने के बाद उसे छिपकली या चमगादर बना कर छोड़ दिया जाता है मित्र को धोखा देकर उसकी बीवी से संबंध बनाने वाले को यमराज उसको नरक में सजा देकर उसे गधे का रूप दे देते हैं शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि अगर आप सच्चे दिल के साथ किसी से संबंध बनाते हैं तो आपको स्वर्ग में भी जगह मिल सकती है
हमारे प्राचीन शास्त्र में बहुत से सुझाव लिखे गए हैं और कर्म के बारे में चाहे वह अच्छे हो या बुरे अच्छे कर्मों का नतीजा हमेशा अच्छा ही होता है और बुरे कर्म का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है शास्त्रों के अनुसार अगर आप किसी पराई स्त्रियों के साथ संबंध बनाते हैं तो यह गलत माना जाता है और इसके चलते आपको नर्क में जाना पड़ सकता है वही किसी पराई स्त्री पर नजर रखना या उनके साथ गलत संबंध बनाने पर भी आप को नरक में भी जगह मिल सकती है जो लोग अपने धर्म का उल्लंघन कर देते हैं उन्हें पापी कहा जाता है
वैसे लोग नरक में जाते हैं नर्क में लोगों को अपने-अपने दंड के अनुसार क्रमित किया जाता है और कुरान में स्त्रियों के बारे में कहा गया है कि जो स्त्रियां गैर मर्द के साथ रिश्ता बनाती है उसे नरक में गरम लोहे के बीच रखा जाता है
स्त्री के दंड पूरे हो जाने के बाद उसे छिपकली या चमगादर बना कर छोड़ दिया जाता है मित्र को धोखा देकर उसकी बीवी से संबंध बनाने वाले को यमराज उसको नरक में सजा देकर उसे गधे का रूप दे देते हैं शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि अगर आप सच्चे दिल के साथ किसी से संबंध बनाते हैं तो आपको स्वर्ग में भी जगह मिल सकती है
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